Nov 5, 2014

Three Item

   तीन चीजों में मन लगाने से उन्नति होती है -ईश्वर, परिश्रम और विद्या।
• तीन चीजों को कभी छोटी ना समझे -  बिमारी, कर्जा और शत्रु।
• तीनों चीजों को हमेशा वश में रखो -   मन, काम और लोभ।
• तीन चीज़ें निकलने पर वापिस नहीं आती-तीर कमान से,बात जुबान से और प्राण शरीर से
• तीन चीज़ें कमज़ोर बना देती है -   बदचलनी, क्रोध और लालच।
• तीन चीज़ें कोई चुरा नहीं सकता -   अकल, चरित्र और हुनर।
• तीन व्यक्ति वक़्त पर पहचाने जाते हैं -   स्त्री, भाई और दोस्त।
• तीनों व्यक्ति का सम्मान करो -  माता, पिता और गुरु।
• तीनों व्यक्ति पर सदा दया करो -  बालक, भूखे और पागल।
• तीन चीज़े कभी नहीं भूलनी चाहिए -  कर्ज़, मर्ज़ और फर्ज़।
• तीन बातें कभी मत भूलें -  उपकार, उपदेश और उदारता।
• तीन चीज़े याद रखना ज़रुरी हैं -  सच्चाई, कर्तव्य और मृत्यु।
• तीन बातें चरित्र को गिरा देती हैं -  चोरी, निंदा और झूठ।
• तीन चीज़ें हमेशा दिल में रखनी चाहिए -  नम्रता, दया और माफ़ी।
• तीन चीज़ों पर कब्ज़ा करो -  ज़बान, आदत और गुस्सा।
• तीन चीज़ों से दूर भागो -  आलस्य, खुशामद और बकवास।
• तीन चीज़ों के लिए मर मिटो -  धेर्य, देश और मित्र।
• तीन चीज़ें इंसान की अपनी होती हैं -  रूप, भाग्य और स्वभाव।
• तीन चीजों पर अभिमान मत करो –  धन, ताकत और सुन्दरता।
• तीन चीज़ें अगर चली गयी तो कभी वापस नहीं आती -  समय, शब्द और अवसर।
• तीन चीज़ें इन्सान कभी नहीं खो सकता -  शान्ति, आशा और ईमानदारी।
• तीन चीज़ें जो सबसे अमूल्य है -  प्यार, आत्मविश्वास और सच्चा मित्र।